इस्रायल, अमेरिका और ईरान से जुड़ी संगठनों के बीच सर्वंकष युद्ध छिड़ जाएगा – – अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का इशारा

इस्रायल, अमेरिका और ईरान से जुड़ी संगठनों के बीच सर्वंकष युद्ध छिड़ जाएगा –  – अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का इशारा

जेरूसलम – हमास, हिजबुल्लाह और इराक-सीरिया स्थित ईरान से जुड़ी आतंकवादी संगठनों के पिछले कुछ दिनों से शुरू हमले और इसपर इस्रायल, अमेरिका के दिए जा रहे प्रत्युत्तर के कारण इस क्षेत्र में युद्ध स्थिति बनी है। हर एक हमला और इसके जवाबी हमले के कारण ईरान, अमेरिका और ईरान से जुड़ी आतंकवादी संगठन सर्वंकष युद्ध की ओर बढ़ने लगे हैं, ऐसी चेतावनी अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक दे रहे हैं। एक-दूसरें के विरोध में खड़े हुए दोनों गुटों के बीच जारी मतभेद इस क्षेत्र की अस्थिरता बढ़ा रहे हैं, ऐसी चिंता इन विश्लेषकों ने जताई है।

हमास के आतंकवादियों ने ७ अक्टूबर को इस्रायल में घुसकर किए भीषण हत्याकांड़ का इस क्षेत्र पर लंबे समय तक असर होता दिखाई दे सकता है। क्यों कि, इन हमलों के बाद इस्रायल ने हमास के आतंकवादियों के खिलाफ शुरू किए युद्ध के बाद लेबनान की हिजबुल्लाह, येमन की हौथी और इराक-सीरिया की ईरान से जुड़ी आतंकवादी संगठन भी इस्रायल विरोधी संघर्ष में कुद पड़ी हैं। इस वजह से मात्र कुछ ही दिनों में इस संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को चपेट में लिया हैं। All-out war will break out between Israel, US and Iran-affiliated organizations - international analysts warnगाजा पर हो रहे इस्रायल के हमलों पर जोरदार जवाब किए बिना यह ईरान से जुड़े गुट शांत नहीं बैठेंगे, इस ओर लेबनान के विश्लेषक कासिम कासिर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। साथ ही सर्वंकष युद्ध शुरू किए बिना इस्रायल और अमेरिका भी पीछे नहीं हटेगी, ऐसा दावा इन विश्लेषकों ने किया है।

पिछले हफ्ते इस्रायल ने बैरूत में की हुई कार्रवाई पर हिजबुल्लाह ने अभी तक उम्मीद के अनुसार तीव्र जवा नहीं दिया है। इससे हिजबुल्लाह के हाथों में ताकत बची नहीं है, यह संदेश लेबनान सहित पूरे विश्व में फैले अपने समर्थकों तक पहुंचेगा, यह ड़र हिजबुल्लाह के नेतृत्व को सता रहा है। लेकिन, इस्रायल विरोधी व्यापक युद्ध शुरू किया तो लेबनान को तबाह किए बिना इस्रायल नहीं रहेगा, ऐसी धमकी ही इस्रायल ने दी थी। ऐसा हुआ तो पहले से आर्थिक संकट से घिरे लेबनान के लिए यह युद्ध एक बुरा सपना साबित होगा। इस बीच हमास के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकाने के लिए हिजबुल्लाह के समर्थक भी तैयार नहीं होंगे, इस चिंता से हिजबुल्लाह का नेतृत्व परेशान हैं, ऐसा दावा कासिर ने किया।

इसी बीच, इस्रायल से भी ज्यादा अमेरिका यह युद्ध चाहती हैं। इसी कारण से अमेरिका ने इस क्षेत्र में भारी मात्रा में नौसेना की तैनाती रखी है, ऐसा अंतरराष्ट्रीय वृत्तसंस्था का कहना हैं।अमेरिका ने अब तक रेड सी और इराक-सीरिया में स्थित ईरान से जुड़ी आतंकवादी संगठनों के हमलों पर जवाब दिया है। साथ ही इस क्षेत्र में अमेरिका अपने मित्र देशों का गुट खड़ा करने में लगी होने की ओर यह वृत्तसंस्था ध्यान आकर्षित कर रही है।

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