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इस्रायल और अमरीका भी ईरान को परमाणु अस्त्र से सज्जित होने से रोक नहीं सकते – ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनी

तेहरान – ‘ईरान को परमाणु अस्त्रों में रूचि नहीं है। लेकिन, यदि ईरान ने परमाणु अस्त्रों से सज्जित होने की बात तय की तो इस्रायल और इस्रायल से अधिक ताकतवर देश भी ईरान को रोक नहीं सकते’, ऐसा ऐलान ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनी ने किया है। इसके साथ ही किसी के भी दबाव में ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा और यूरेनियम का संवर्धन बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा, यह बात खामेनी ने ड़टकर कही। खामेनी के हाथों में ईरान के सभी अधिकार केंद्रीत हैं। इस वजह से उनका यह ऐलान वर्ष 2015 में हुए परमाणु समझौते का और एक उल्लंघन है।

अमरीका ने बीते हफ्ते में ही ईरान के साथ वर्ष 2015 में किया परमाणु समझौता दुबारा पुनर्जीवीत करने की तैयारी जताई थी। इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू ने अमरीका के इस ऐलान पर तीव्र आपत्ति जताई थी। इसके अलावा, कुछ भी हो जाए, ईरान को परमाणु अस्त्र से सज्जित होने नहीं देंगे, यह ऐलान भी इस्रायली प्रधानमंत्री ने किया था। इस पर ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्ला अली खामेनी ने सोशल मीडिया के ज़रिये दिए प्रत्युत्तर में इस्रायल और अमरीका को लक्ष्य किया।

‘अपने देश की ज़रूरतें ध्यान में रखकर ईरान परमाणु क्षमता प्राप्त करने पर कायम है। इसी वजह से ईरान का युरेनियम संवर्धन 20 प्रतिशत तक सीमित नहीं रह सकता। आवश्‍यकता होने पर ईरान यूरेनियम संवर्धन बढ़ाकर 60 प्रतिशत करेगा। लेकिन, इसका मतलब ईरान को परमाणु अस्त्र से सज्जित होना है, ऐसा नहीं होता। अपने बेड़े में परमाणु अस्त्र रखनेवाली अमरीका ने इसी अस्त्र का इस्तेमाल करके लगभग 2.20 लाख लोगों को मार गिराया है’, ऐसी आलोचना भी खामेनी ने की है। साथ ही अपने परमाणु कार्यक्रम की गति अधिक बढ़ाने की बात ड़टकर कही है।

इसके अलावा, ‘ईरान को परमाणु बम का निर्माण करने का अवसर ना देने की बयानबाज़ी इस्रायल कर रहा है। लेकिन, ईरान ने परमाणु बम का निर्माण करने का तय किया तो इस्रायल और उससे अधिक ताकतवर देश भी ईरान को रोक नहीं सकते’, यह ऐलान खामेनी ने किया। ईरान ने फिलहाल यूरेनियम संवर्धन बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है। नागरी इस्तेमाल के लिए परमाणु कार्यक्रम का इस्तेमाल कर रहे ईरान को इतनी बड़ी मात्रा में युरेनियम संवर्धन करने की आवश्‍यकता क्या है, ऐसा सवाल इस्रायल के लष्करी अधिकारी कर रहे हैं।

इसके साथ ही प्रतिबंधित परमाणु केंद्र में सेंट्रिफ्युजेस्‌ का ‘इन्स्टॉलेशन’ शुरू करके पांच वर्ष पहले किए परमाणु समझौते का ईरान ने बड़ा उल्लंघन किया है। इस वजह से ईरान परमाणु अस्त्र के निर्माण की कोशिश कर रहा है, यह आरोप इस्रायल करता रहा है। इसके अलावा ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के निरिक्षकों के प्रतिबंधित परमाणु केंद्र का दौरा करने पर भी पाबंदी लगाने की खबरें ईरान के समाचार चैनल ने प्रसिद्ध की हैं। ईरान की यह कार्रवाई परमाणु अस्त्र के प्रसारबंदी समझौते का उल्लंघन होने की आलोचना हो रही है।

इसी बीच, ईरान के साथ परमाणु समझौते के लिए अमरीका ने जोरदार गतिविधियाँ शुरू की हैं। अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने ईरान पर लगाए प्रतिबंध हटाने की तैयारी की है, यह दावे भी हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में ईरान के सर्वोच्च नेता ने किया यह ऐलान बड़ा अहम साबित होता है।3

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