ऑस्ट्रेलिया-चीन तनाव और बिगड़ा

• चीन की हुकूमत द्वारा ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने वाले छात्रों को ‘वॉर्निंग’

• ऑस्ट्रेलियन न्यूज रीडर चेंग लेई जासूसी मामले में गिरफ्तार

कॅनबेरा/बीजिंग – अमरीका में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद ऑस्ट्रेलिया को धमकाने वाले चीन ने अपना पैंतरा अधिक ही आक्रामक किया है। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट हुकूमत ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने वाले चीनी छात्रों को ‘वॉर्निंग’ दी है कि उस देश में पढ़ाई के लिए जाने से पहले संभावित खतरों की जानकारी करा लें। उसके बाद चीनी न्यूज़ चैनल के लिए काम करने वाली ऑस्ट्रेलियन न्यूज़ रीडर चेंग लेई को जासूसी मामले में गिरफ्तार किया होने की जानकारी भी दी गई है।

पिछले दो सालों में ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच के संबंध अधिक से अधिक बिगड़ते सामने आ रहे हैं। चीन की सत्ताधारी हुकूमत ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर दखलअंदाजी कर रही होने की घटनाएं सामने आईं थीं और वित्त, व्यापार, निवेश, शिक्षा के साथ ठेंठ राजनीतिक क्षेत्र में भी चीन के बढ़ते प्रभाव के परिणाम दिखाई दिए थे। चीन यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े साझेदार देशों में से एक होने के कारण ऑस्ट्रेलियन नेतृत्त्व ने शुरुआती दौर में नरम रवैया अपनाया था। लेकिन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियन प्रशासन ने चीन के खिलाफ खुलेआम चुनौती देकर आग्रही और आक्रामक भूमिका अपनाना शुरू किया।

चीन की दखलअंदाजी रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार ने कई कानून किए होकर, ५जी से लेकर कोरोना महामारी तक चीन की हरकतों को ठेंठ विरोध दर्शाना शुरू किया है। मॉरिसन सरकार कि इस आक्रामकता को अमरीका के साथ अन्य देशों से साथ मिला था। अमरीका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने मॉरिसन सरकार के चीनविरोधी फैसलों का समर्थन करके उसकी सराहना भी की थी। इस कारण बौखलाए चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर दबाव लाना शुरू किया था। अमरीका में सत्ता परिवर्तन होने के बाद चीन का पैंतरा अधिक की आक्रामक हुआ है, ऐसा गत तीन दिनों की घटनाओं से दिखाई दे रहा है।

शुक्रवार को चीन के शिक्षा विभाग ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले चीनी छात्रों के लिए ‘वॉर्निंग’ जारी की। ‘ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में विदेशी छात्रों पर हमले होने की घटनाएं सामने आई हैं। उसी समय, कोरोना की महामारी के कारण आन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रवास अभी भी पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं है। इस कारण ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा के लिए जाने वाले अथवा पहले से ही शिक्षा अर्जित कर रहे और चीन से ऑस्ट्रेलिया में वापस लौटने की इच्छा रखने वाले छात्र संभाव्य खतरों की ठीक से जानकारी कर लें’, ऐसा जताया गया है।

पिछले ८ महीनों में चीन द्वारा ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में दूसरी बार ऐसी चेतावनी दी गई है। इससे पहले जून महीने में भी चीन के टूरिज्म मंत्रालय ने, ऑस्ट्रेलिया में वांशिक भेद-भाव तथा हिंसाचार बढ़ा होने का कारण बता कर, अपने नागरिक ऑस्ट्रेलिया का प्रवास टालें, ऐसा ‘ऍलर्ट’ जारी किया था। ऑस्ट्रेलिया ने, ये सारे दावे बेबुनियाद होने का प्रत्युत्तर दिया था। शुक्रवार को जारी ‘वॉर्निंग’ पर भी ऑस्ट्रेलिया ने तीव्र प्रतिक्रिया दी होकर, चीन की हुकूमत अपप्रचार कर रही है, ऐसी आलोचना की है।

इस आलोचना के बाद चीन ने ऑस्ट्रेलिया को एक और झटका दिया है, ऐसा सोमवार को सामने आया। अगस्त महीने में चीन की यंत्रणाओं ने गिरफ्तार की ऑस्ट्रेलियन न्यूज रीडर चेंग लेई को जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया होने की जानकारी चीन द्वारा दी गई। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिस पेन ने सोमवार को इस मामले में खुलासा किया। ‘सरकारी गोपनीय जानकारी विदेश में भेजने के शक़ पर चेंग लेई को गिरफ्तार किया होने की जानकारी चीनी यंत्रणाओं ने दी’, ऐसा विदेश मंत्री पेन ने अपने निवेदन में कहा है। इससे पहले अगस्त महीने में दी जानकारी में, लेई नजर कैद में रखा होने की बात चीन द्वारा बताई गई थी।

चीन स्थित ऑस्ट्रेलियन अधिकारियों ने २७ जनवरी को चेंग लेई से भेंट की होने की जानकारी भी ऑस्ट्रेलियन विदेश मंत्री ने दी। चीन की भूमिका के बारे में ऑस्ट्रेलिया ने तीव्र चिंता जाहिर की है, ऐसा विदेश मंत्री पेन ने कहा। पिछले कुछ सालों से चेंग लेई चिनी न्यूज़ चैनल ‘सीजीटीएन’ की अंग्रेजी एडिशन के लिए काम कर रही थी।

पिछले साल चीन ने डॉ. यांग हेंगजून इस ऑस्ट्रेलियन नागरिक को गिरफ्तार करके उस पर जासूसी का आरोप रखा था। उसके बाद अब लेई पर कार्रवाई होने से, ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच पैदा हुआ तनाव अधिक ही बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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