रशिया अपने हितों की ड़टकर रक्षा करेगी – राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन का बयान

रशिया अपने हितों की ड़टकर रक्षा करेगी – राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन का बयान

मास्को – दूसरे विश्‍वयुद्ध के दौरान रशिया ने जर्मनी की नाज़ी हुकूमत को पराजित किया था। यह दिवस रशिया में ‘विक्टरी डे’ के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर राजधानी मास्को में आयोजित लष्करी संचलन के दौरान पुतिन ने, रशिया किसी भी मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी, यह संदेश अमरीका और अन्य पश्‍चिमी देशों को दिया। साथ ही रशिया के विरोधी एवं नाज़ी विचारधारा के बढ़ते समर्थन की रशियन राष्ट्राध्यक्ष ने आलोचना की। इसी बीच उन्होंने यह भरोसा व्यक्त किया कि, रशिया दृढ़ता से अपने हितों की रक्षा करेगी।

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‘हज़ारों, लाखों शांतिप्रिय लोगों के खून से भीगे देशद्रोही एवं गुनाहगारों के समर्थन के लिए इतिहास दोबारा लिखने की कोशिश हो रही है। अपनी श्रेष्ठता के भ्रामक सिद्धांतों से भ्रमित हुई नाज़ी विचारधारा फिर से अपनाने की तैयारी हो रही है। वांशिक एवं राष्ट्रीय वर्चस्व की, ज्यू विरोधी, रशिया द्वेषी नारेबाजी की आवाज़ बढ़ रही है’, ऐसा इशारा राष्ट्राध्यक्ष पुतिन ने दिया। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर अमरीका और इस्राइल के बीच मतभेद तीव्र हो रहा है। ऐसे दौर में राष्ट्राध्यक्ष पुतिन का यह बयान ध्यान आकर्षित कर रहा है।

‘सोवियत रशिया की जनता ने ग्रहण की हुई शपथ का निष्ठा से पालन करके अपने मातृभूमि की रक्षा की है। यूरोपिय देशों के काले प्लेग से देश को बचाया है। रशिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कानून और नियमों का पालन किया है। ऐसा करते समय रशिया अपनी जनता की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से अपने हितों की भी रक्षा करेगी’, यह भरोसा रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन ने ड़टकर दिया है।

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बीते कुछ महीनों से रशिया और पश्‍चिमी देशों का तनाव फिर से बढ़ता हुआ दिख रहा है। अमरीका ने अपने खिलाफ सायबर हमलों के पीछे रशिया का हाथ होने का दावा करके प्रतिबंध लगाए हैं। उसी समय पुतिन के विरोधी एलेक्सी नैवेल्नी के खिलाफ हुई कार्रवाई, ‘नॉर्ड स्ट्रीम पाईपलाइन’ और युक्रैन के विरोध में हुई कार्रवाई के मुद्दे पर भी आक्रामक निर्णय किए हैं।

यूरोपिय देशों ने भी नैवेल्नी मामला एवं युक्रैन के मुद्दे पर रशिया विरोधी भूमिका अपनाकर प्रतिबंध लगाए हैं। इसी बीच रशियन अफसरों पर जासूसी का आरोप लगाकर उन्हें देश से बाहर निकालने की घटनाएँ भी हुई हैं। इस वजह से रशिया और यूरोप के संबंधों में काफी तनाव निर्माण हुआ है और यह संबंध टूटते हैं तो इसके लिए यूरोप ज़िम्मेदार होगा, यह इशारा भी रशिया ने दिया है।

पश्‍चिमी देशों के साथ निर्माण हुए इस विवाद की पृष्ठभूमि पर पुतिन ने ‘विक्टरी डे’ को अवसर बनाकर देश के हितों की रक्षा का भरोसा देनेवाला बयान करना रशिया की आक्रामक नीति के संकेत देनेवाला साबित होता है।

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