परमाणु समझौते के लिए ईरान ने अमरीका को दी दो हफ्तों की अवधि

तेहरान – राष्ट्राध्यक्ष ज्यो बायडेन ने अमरीका के राष्ट्राध्यक्ष पद का ज़िम्मा स्वीकारने के साथ ही आक्रामक हुए ईरान ने, परमाणु समझौते के मुद्दे पर अमरीका को नयी चेतावनी दी है। वर्ष २०१५ में किए गए परमाणु समझौते में शामिल होने के लिए अमरीका के हाथों में मात्र दो हफ्तों का समय होने की चेतावनी ईरान के विदेशमंत्री जावेद ज़रिफ ने दी है। ईरान से लगातार प्राप्त हो रही धमकियों के बावजूद बायडेन प्रशासन ईरान के साथ परमाणु समझौता करने पर कायम है।

ईरान के विदेशमंत्री ने स्थानीय अखबार को दिए साक्षात्कार में अमरीका को धमकाया है। ईरान की संसद ने पारित किया हुआ प्रस्ताव और ईरान में होनेवाले अगले चुनाव के कारण ईरान की भूमिका अधिक आक्रामक हुई है, ऐसा बयान ज़रिफ ने किया है। ईरान की संसद ने भी परमाणु समझौते के मुद्दे पर सख्त भूमिका अपनाने के निर्देश जारी किए है। इस वजह से अमरीका को अगले दो हफ्तों में परमाणु समझौते पर निर्णय करना होगा, ऐसी चेतावनी ज़रिफ ने दी है।

‘अमरीका के हाथ से समय निकल रहा है। इस परमाणु समझौते के मसले पर अमरीका जितनी देरी करेगी, अमरीका का उतना ही नुकसान होगा। देरी के कारण ऐसे संकेत प्राप्त होंगे कि ट्रम्प की नाकाम नीति ही बायडेन प्रशासन को जारी रखनी है, यह चेतावनी भी ईरान के विदेशमंत्री ने दी।

अमरीका को परमाणु समझौते के मुद्दे पर अवधि देनेवाले ईरान ने इस परमाणु समझौते की शर्तों का उल्लंघन करना जारी रखा है, ऐसी आलोचना किसी समय इस परमाणु समझौते का समर्थन करनेवाले युरोपिय देश भी अब कर रहे हैं। ईरान ने नातांज़ और फोर्दो परमाणु केंद्र में युरोनियम संवर्धन, परमाणु समझौते में निधारित किए मात्रा से अधिक करना शुरू किया है। साथ ही ईरान ने अधिक सेंट्रिफ्युजेस कार्यान्वित करने का ऐलान भी किया है। इसके बावजूद भी अमरीका ईरान के खिलाफ भूमिका ना अपनाकर, परमाणु समझौते के लिए प्राथमिकता दे रही है।

इससे गुस्सा हुए इस्रायल ने बीते हफ्ते ईरान के परमाणु केंद्रों पर अपने बलबूते पर ही हमलें करने की चेतावनी दी थी। अपनी सेना इन हमलों के लिए तैयार होने की बात इस्रायल ने ड़टकर कही थी।

इस्रायल की इस चेतावनी की गूँज ईरान में भी सुनाई पड़ी है। ईरान पर हमलें करने का ऐलान करनेवाले इस्रायल को निर्णायक प्रत्युत्तर दिया जाएगा, ऐसी धमकी संयुक्त राष्ट्रसंघ में नियुक्त ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने दी है। इस्रायल मात्र धमकी देकर रुका नहीं है और इस्रायल ने ईरान पर हमलें करने की तैयारी भी जुटाई है, ऐसा आरोप रवांची ने किया। साथ ही, खुफिया तरीके से परमाणु प्रकल्प चला रहें ईरान का परमाणु कार्यक्रम नागरी इस्तेमाल के लिए कैसा हो सकता है, इस इस्रायल ने किये सवाल पर भी रवांची ने आलोचना की।

इस्रायल की धमकियाँ और अमरीका की आक्रामकता को जवाब देने के लिए ईरान ने परमाणु बम तैयार करना ही होगा, ऐसा सुझाव ईरान के पूर्व राजनीतिक अधिकारी आमिर मोसावी ने रखा है। इस्रायल या अमरीका ने यदि ईरान के खिलाफ आक्रामक कदम उठाएँ, तो ईरान को अपनी स्वीकृत मर्यादा पीछे छोड़कर बेझिझक परमाणु अस्त्रों से सज्जित होना होगा, ऐसी माँग मोसावी ने लेबनीज समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान रखी है।

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